हर तरफ अँधेरा है , हर तरफ उदासी है
दिल में बेकली सी है रूह सबकी प्यासी है
रस्ते काले नागों से फन उठाये बैठे हैं
ज़िन्दगी में हर लम्हा सिर्फ़ बदहवासी है
पाँव थक गए हैं पर हमको फिर भी चलना है
अज सबकी खुशियाँ भी आँसुओं की दासी हैं
हर कोई ये कहता है वक़्त ही नही मिलता
जी ले जितना जीना है ज़िन्दगी ज़रा सी है


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