क्या फर्क है 'खुदा' और 'हिटलर' में
बस इतना ही कि 'हिटलर' ने
उन्हें मारा जिन्हें वो अपना
'दुश्मन' कहता था और
'खुदा' ढाता है कहर उनपे
जिन्हें वो अपनी 'औलाद' कहता है
क्या फर्क है 'खुदा' और 'नीरो' में
कि 'नीरो' रोम को जलाता है
अपने आनंद के लिए
और हँसता है इस तबाही पर
और 'खुदा' लाता है 'सूनामी'
'बाढ़' , 'तूफ़ान' और 'ज़लज़ले'
कि 'हिटलर' ने कोई दूसरा 'हिटलर' और
'नीरो' ने कोई 'दूसरा 'नीरो'
नहीं पैदा किया
पर 'खुदा' तो हर दूसरे दिन
बनाता है
कभी 'हिटलर' तो कभी 'नीरो'
कभी 'ईदी' तो कभी 'ओसामा'................
Monday, April 26, 2010
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